कई बार आपको अपनी जिंदगी में ऐसा लगता होगा कि मैं अपने काम को शत प्रतिशत दे रहा हूँ। मैं वह सब कुछ कर रहा हूँ जो मुझे करना चाहिए। लेकिन फिर भी वह रिजल्ट नहीं मिल पा रहे हैं जो आपको अपेक्षा रहती है। सब कुछ ठीक करने के बाद भी अच्छा करने के बाद भी आप सफल नहीं हो पाते हो जानना चाहेंगे कि इसका कारण क्या होता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण है आपका कर्म जी हाँ आपका कर्म जो कि आपने अपने भूतकाल में किया था। अब आप में से कई लोगों को कर्म को लेकर बहुत सारी गलतफहमियां होती है। कई बार पता तो होता है लेकिन हम अनजाने बन जाते हैं हम सोचते हैं कि शायद ऐसा नहीं होता है। लेकिन कर्म उसका काम हर जगह करता है और उसका फल भविष्य में हमें दिखाई देता है। कई बार हम उस बंदर की तरह हो जाते हैं जिसे पता है कि आम में से जो गुठली निकली है उसे जमीन में गाड़ने से एक पेड़ निकलेगा। जिसमें से आम का फल आएगा। उसने एक लड़के को देखा कि उसने आम खाकर गुठली फेंकी उसने वो गुठली उठाई उसे जमीन में गाड़ा और पेड़ पर जाकर बैठ गया और इंतज़ार करने लगा कि अब वहाँ से पेड़ निकलेगा फल आएगा और मैं खाऊंगा। 10 मिनट हो गए कोई पेड़ नहीं निकला उस बंदर को लगा यार ये क्या हो रहा है पेड़ क्यों नहीं निकल रहा है फल क्यों नहीं आ रहे हैं। वो नीचे कूदा उसने गड्ढा खोदा उसमें से गुठली निकाली गड्ढे को देखा गुठली को देखा गड्ढे को देखा उसने कहा की ये गड्ढा ख़राब है। वो थोड़ी दूर पर गया एक और गड्ढा खोदा उस गुठली को वहाँ पर गाड़ा। अब इस बार फिर से वह जाकर पेड़ पर बैठ गया और इंतज़ार करने लगा , सोचने लगा कि अब पेड़ आएगा अब फल लगेंगे और अब मैं खाऊंगा। इस बार पूरे 20 मिनट इंतज़ार किया की पेड़ निकलेगा उसमें से फल आएंगे और मैं खाऊंगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वो वापस नीचे कूदा और उस गड्ढे को खोदा अब की बार उसने गड्ढे को देखा गुठली को देखा गड्ढे को देखा। उसने कहा यह गुठली ही ख़राब है और उस गुठली को फेंक दिया और फिर से उछल कूद करने लगा शायद आपको लग रहा होगा कि यह क्या कहानी हुई ये तो हमें पता है लेकिन मैं आपको बहुत अच्छे से समझाना चाहता हूँ आपको कहानी जरूर समझ में आ गई पता जरूर है लेकिन कहीं ना कहीं आप सभी भी अपनी जिंदगी में अपनी जिंदगी में इसी चीज को फॉलो कर रहे हैं और उसी कारण आपको रिजल्ट नहीं मिल पा रहे। इसे ही कहते हैं रूल ऑफ़ कर्मा जी हाँ जो की पूर्णता जुड़ा हुआ है समय के साथ अब इस समय और कर्म के बीच का जो लिंक है उसे समझने की कोशिश कीजिए आपने कई बार सुना होगा कि कर्म किए जा लेकिन फल की चिंता मत कर। ईश्वर हमें यहाँ क्या समझाना चाह रहे हैं। वो समझाना चाह रहे हैं कि जैसा भी कर्म तू करेगा समय के हिसाब से तुझे वैसा फल मिल जाएगा। उन्होंने यह नहीं बताया कि कैसा फल मिलेगा क्योंकि वह निर्भर करेगा आपके कर्मों पर आप जैसा कर्म करेंगे आपको वैसा ही फल मिलेगा। आप अपनी जिंदगी में आम बोएंगे तो आम के फल ही लगेंगे और यदि बबूल बोयेंगे तो आपको कांटे ही मिलेंगे। लेकिन हम मूर्ख इंसान हम सोचते हैं कि हम कांटे लगाएंगे लेकिन काटेंगे तो आम ही और जाने अनजाने में हम करते भी ऐसा ही है हम गलत कर्म करते हैं गलत सोच रखते हैं गलत विचारधारा के साथ किसी भी काम को आगे बढ़ाते हैं लेकिन सोचते हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन जब समय अपनी गवाही देने के लिए आता है उन कर्मों का रिजल्ट लेकर आपके सामने प्रस्तुत होता है। तो फिर तकलीफ होती है रोना आता है और फिर उन चीजों के लिए हम ब्लेम लगाते हैं दूसरों को हम भगवान को दोषी ठहराते हैं कि उसने हमारे साथ गलत किया .हम अपने लोगों को दोषी ठहराते हैं कि उनके कारण हम आगे नहीं बढ़ पाए। लेकिन कभी हम अपने अंदर झांक कर नहीं देखते हैं क्योंकि सबसे पहले आपको इस बात को समझने की जरूरत है कि आज के आपके कर्म की नींव ही आपके भविष्य के फल की आधारशिला है और इस बात को सबसे पहले आपको समझना ही होगा। आपको इस बात को समझने की जरूरत है कि यदि दूसरों की गलतियों को ना निकालकर खुद की गलतियों को निकाल कर उन्हें सुधार कर आगे बढ़े तो जिंदगी में बहुत आगे जाएंगे। तो आज वादा कीजिए मुझे की बिना किसी चीज के बारे में सोचे सिर्फ और सिर्फ अपने कर्म करने में आज से अभी से इसी वक्त से लग जाएंगे !
Wednesday, 30 September 2020
Motivational quotes in hindi
कई बार आपको अपनी जिंदगी में ऐसा लगता होगा कि मैं अपने काम को शत प्रतिशत दे रहा हूँ। मैं वह सब कुछ कर रहा हूँ जो मुझे करना चाहिए। लेकिन फिर भी वह रिजल्ट नहीं मिल पा रहे हैं जो आपको अपेक्षा रहती है। सब कुछ ठीक करने के बाद भी अच्छा करने के बाद भी आप सफल नहीं हो पाते हो जानना चाहेंगे कि इसका कारण क्या होता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण है आपका कर्म जी हाँ आपका कर्म जो कि आपने अपने भूतकाल में किया था। अब आप में से कई लोगों को कर्म को लेकर बहुत सारी गलतफहमियां होती है। कई बार पता तो होता है लेकिन हम अनजाने बन जाते हैं हम सोचते हैं कि शायद ऐसा नहीं होता है। लेकिन कर्म उसका काम हर जगह करता है और उसका फल भविष्य में हमें दिखाई देता है। कई बार हम उस बंदर की तरह हो जाते हैं जिसे पता है कि आम में से जो गुठली निकली है उसे जमीन में गाड़ने से एक पेड़ निकलेगा। जिसमें से आम का फल आएगा। उसने एक लड़के को देखा कि उसने आम खाकर गुठली फेंकी उसने वो गुठली उठाई उसे जमीन में गाड़ा और पेड़ पर जाकर बैठ गया और इंतज़ार करने लगा कि अब वहाँ से पेड़ निकलेगा फल आएगा और मैं खाऊंगा। 10 मिनट हो गए कोई पेड़ नहीं निकला उस बंदर को लगा यार ये क्या हो रहा है पेड़ क्यों नहीं निकल रहा है फल क्यों नहीं आ रहे हैं। वो नीचे कूदा उसने गड्ढा खोदा उसमें से गुठली निकाली गड्ढे को देखा गुठली को देखा गड्ढे को देखा उसने कहा की ये गड्ढा ख़राब है। वो थोड़ी दूर पर गया एक और गड्ढा खोदा उस गुठली को वहाँ पर गाड़ा। अब इस बार फिर से वह जाकर पेड़ पर बैठ गया और इंतज़ार करने लगा , सोचने लगा कि अब पेड़ आएगा अब फल लगेंगे और अब मैं खाऊंगा। इस बार पूरे 20 मिनट इंतज़ार किया की पेड़ निकलेगा उसमें से फल आएंगे और मैं खाऊंगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वो वापस नीचे कूदा और उस गड्ढे को खोदा अब की बार उसने गड्ढे को देखा गुठली को देखा गड्ढे को देखा। उसने कहा यह गुठली ही ख़राब है और उस गुठली को फेंक दिया और फिर से उछल कूद करने लगा शायद आपको लग रहा होगा कि यह क्या कहानी हुई ये तो हमें पता है लेकिन मैं आपको बहुत अच्छे से समझाना चाहता हूँ आपको कहानी जरूर समझ में आ गई पता जरूर है लेकिन कहीं ना कहीं आप सभी भी अपनी जिंदगी में अपनी जिंदगी में इसी चीज को फॉलो कर रहे हैं और उसी कारण आपको रिजल्ट नहीं मिल पा रहे। इसे ही कहते हैं रूल ऑफ़ कर्मा जी हाँ जो की पूर्णता जुड़ा हुआ है समय के साथ अब इस समय और कर्म के बीच का जो लिंक है उसे समझने की कोशिश कीजिए आपने कई बार सुना होगा कि कर्म किए जा लेकिन फल की चिंता मत कर। ईश्वर हमें यहाँ क्या समझाना चाह रहे हैं। वो समझाना चाह रहे हैं कि जैसा भी कर्म तू करेगा समय के हिसाब से तुझे वैसा फल मिल जाएगा। उन्होंने यह नहीं बताया कि कैसा फल मिलेगा क्योंकि वह निर्भर करेगा आपके कर्मों पर आप जैसा कर्म करेंगे आपको वैसा ही फल मिलेगा। आप अपनी जिंदगी में आम बोएंगे तो आम के फल ही लगेंगे और यदि बबूल बोयेंगे तो आपको कांटे ही मिलेंगे। लेकिन हम मूर्ख इंसान हम सोचते हैं कि हम कांटे लगाएंगे लेकिन काटेंगे तो आम ही और जाने अनजाने में हम करते भी ऐसा ही है हम गलत कर्म करते हैं गलत सोच रखते हैं गलत विचारधारा के साथ किसी भी काम को आगे बढ़ाते हैं लेकिन सोचते हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन जब समय अपनी गवाही देने के लिए आता है उन कर्मों का रिजल्ट लेकर आपके सामने प्रस्तुत होता है। तो फिर तकलीफ होती है रोना आता है और फिर उन चीजों के लिए हम ब्लेम लगाते हैं दूसरों को हम भगवान को दोषी ठहराते हैं कि उसने हमारे साथ गलत किया .हम अपने लोगों को दोषी ठहराते हैं कि उनके कारण हम आगे नहीं बढ़ पाए। लेकिन कभी हम अपने अंदर झांक कर नहीं देखते हैं क्योंकि सबसे पहले आपको इस बात को समझने की जरूरत है कि आज के आपके कर्म की नींव ही आपके भविष्य के फल की आधारशिला है और इस बात को सबसे पहले आपको समझना ही होगा। आपको इस बात को समझने की जरूरत है कि यदि दूसरों की गलतियों को ना निकालकर खुद की गलतियों को निकाल कर उन्हें सुधार कर आगे बढ़े तो जिंदगी में बहुत आगे जाएंगे। तो आज वादा कीजिए मुझे की बिना किसी चीज के बारे में सोचे सिर्फ और सिर्फ अपने कर्म करने में आज से अभी से इसी वक्त से लग जाएंगे !
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